समावेशी विकास (Inclusive Development) समग्रता के साथ विकास की बहुआयामी अवधारणा (multidimensional concept) है। समावेशी विकास का आशय समाज के सभी वर्गों तक संसाधन एवं सुविधाओं की पहुंच से है। "सबका साथ, सबका विकास" का नारा समावेशी विकास के ही एक पहलू को परिलक्षित करता है। इसमें बुनियादी सुविधाओं में सुधार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसरों की उपलब्धता परिलक्षित होती है। इसके साथ गरीबी को कम किया जाना इसका एक प्रमुख आयाम है।
Wednesday, 2 August 2017
सतत विकास (Sustainable Development)
सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा का प्रारंभ वर्ष 1962 में वैज्ञानिक रचेल कार्सन की पुस्तक "साइलेंट स्प्रिंग" तथा वर्ष 1986 में जीव विज्ञानी पॉल इरलिच की पुस्तक "द पापुलेशन बम" से हुआ। लेकिन इस शब्द का वास्तविक रूप से विकास वर्ष 1987 में "ब्रुटलैंड आयोग" की रिपोर्ट "हमारा साझा भविष्य" (Our Common Future) के प्रकाशन के साथ हुआ। "सतत विकास" संसाधनों के उपयोग का एक आदर्श मॉडल है जो यह बताता है कि आर्थिक विकास के साथ -साथ पर्यावरण को भी सुरक्षित रखना है। इसका उद्देश्य है - वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए उसका इस प्रकार प्रयोग किया जाए कि प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण न्यूनतम हो।
अतः सतत विकास प्रकृतिक उपयोग के संदर्भ में अंतर - पीढ़ीगत संवेदनशीलता की घटना है।
18 सितम्बर 2019 करेंट अफेयर्स - एक पंक्ति का ज्ञान One Liner Current Affairs
दिन विशेष विश्व बांस दिवस - 18 सितंबर रक्षा 16 सितंबर 2019 को Su-30 MKI द्वारा हवा से हवा में मार सकने वाले इस प्रक्षेपास्त्र का सफल परी...
-
सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा का प्रारंभ वर्ष 1962 में वैज्ञानिक रचेल कार्सन की पुस्तक "साइलेंट स्प्रिंग" तथा वर्...
-
उपभोक्ता संरक्षण संशोधन विधेयक-2017 लोकसभा में पेश हो चुका है। संसद से इसके पारित होते ही उपभोक्ताओं के लिए एक नए युग का प्रारंभ होना सुनिश्...
-
दिन विशेष विश्व बांस दिवस - 18 सितंबर रक्षा 16 सितंबर 2019 को Su-30 MKI द्वारा हवा से हवा में मार सकने वाले इस प्रक्षेपास्त्र का सफल परी...