International Solar Alliance (ISA)
आईएसए की स्थापना पेरिस घोषणापत्र के तहत हुई है। भारत ने आईएसए कोष के लिए 175 करोड़ रुपये का योगदान दिया है और आईएसए सचिवालय की लागत को शुरुआती पांच वर्षों में पूरा करने की पेशकश की है। आईएसए एक भारतीय पहल है जिसका शुभारंभ भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति ने 30 नवंबर 2015 को पेरिस में सीओपी -21 के मौके पर किया था।
यह संगठन कर्क व मकर रेखा के बीच स्थित 121 राष्ट्रों को एक मंच पर लाएगा। ऐसे राष्ट्रों में धूप की उपलब्धता बहुलता में है। इस संगठन में ये सभी देश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इस प्रयास को वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
आईएसए ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा पहुंच को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी विकास एवं इसके लिए आवश्यक निवेश को गति देने के लिए संयुक्त प्रयास का साधन है।
इस संगठन का अंतरिम सचिवालय राष्ट्रीय सौर उर्जा संस्थान, ग्वालपहाड़ी, गुड़गांव में बनाया गया है। इसका उद्घाटन 25 जनवरी 2016 को हुआ। मुख्यालय के निर्माण हेतु भारत सरकार ने राष्ट्रीय सौर उर्जा संस्थान कैंपस के अंदर पांच एकड़ जमीन आवंटित की है।
15 देशों की संपुष्टि मिलने के साथ ही आईएसए संधि आधारित अंतर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन बन जाएगा।